कुंडली विश्लेषण-३

D.O.B.: 29/08/1964 T.O.B.: 19:10 P.O.B.: Jammu

*जन्मदिन का ग्रह शनी और जनम वक़्त का ग्रह राहू

टेवा दुरुस्ती के बाद फलादेश:

शनी-सूरज-बुध का परस्पर दृष्टि सम्बन्ध से अब सूरज शनी का कोई झगडा नहीं होगा तीनो का नेक फल मगर बृहस्पति अब मंदा होगा यानि बृहस्पत (पिता) का कोई नेक असर नहीं होगा l

बृहस्पति-चन्द्र इकठ्ठे खाना नं: ४ में अतः दोनों ग्रहों का असर १६ साल से शुरू होकर २८ साल उम्र तक रहेगा उम्र लम्बी होगी और अंत समय धन दौलत छोड़ कर जायेगा l हमदर्दी, रहमदिली, राग, ज़बानदानी, इंसानियत का मालिक व पुतला होगा l छत्रधारी बड के पेड़ की तरह हर ख़ास व आम को फायदा देने की किस्मत का मालिक होगा l धन दौलत और माता भाग उत्तम होगा l जिस कदर उम्र बढे उसी कदर याददाश्त कमज़ोर मगर माया दौलत और गृहस्थी हालत उत्तम होगी l ज़मीन जायदाद सब उत्तम गुज़रा ज़माना उम्दा, खासकर जब शनी मंदा ना हो (या किया जाए) तो हर काम में नेक असर और नेक नतीजे होंगे l इसके जनम से ही धन का चश्मा निकल पड़ेगा परिवार कबीला मददगार होगा l जब कुंडली में शनी निकम्मा हो या मंदा कर लिया जाये (शराबखोरी) तो तबाही और फोकी उम्मीदों का मालिक होगा l

सूरज-बुध इकठ्ठे खाना नं: ७ में और नं: १ से शनी की दृष्टि साथ ही नंबर ५ में शुक्र और राहू अतः सूरज पर पूर्ण ग्रहण होगा l दोनों ग्रह ३९ साल उम्र तक इकठ्ठे फल देंगे मगर सूरज ग्रहण का असर ४५ साल उम्र तक रहेगा l शनी के कारोबार यानि लोहा तेल लकड़ी ज़मीन जायदाद मकानों से २८ से ३९ साल उम्र तक लाभ होगा मगर अब सरकारी ठेकेदारी से कोई लाभ नहीं होगा l दोनों के योग से अब मंगल नेक होगा यानि भाई बंधू पूरा सहयोग देंगे l स्वयं काम करने और मेहनत करने वाला होगा बल्कि दूसरों की कमाई की बजाय अपनी कमाई पर शुक्र और सब्र करने वाला होगा l शनी के प्रभाव से औरत की सेहत अमूमन खराब झगड़ों का फैसला हक़ में होने की कोई उम्मीद नहीं होगी

शुक्र-मंगल-राहू इकठ्ठे खाना नं: ५ में अतः तीनो का मंदा फल, दिन रात मुसीबत गले पड़ी रहे l शुक्र-राहू इकठ्ठे होने पर फूल (लड़कियां) तो होंगे मगर फल (लड़का) न होगा l फोकी इज्ज़त और शोहरत ज़रूर होगी l दक्षिण के दरवाजे के साथ से औरत की सेहत मंदी और लक्ष्मी (धन) भी मंदा फल देगी l नाखून बढ़ाना पहली मंदी निशानी होगी और दोनों ग्रह अमूमन ४३ साल उम्र तक मंदा फल देंगे l वैसे तो मंगल के प्रभाव से राहू चुप रहता है मगर सिर्फ तब तक जब तक की राहू स्वयं खराब न किया जाये (सिगरेट-शराब-हुक्का) आदि से l

सूरज-शनि दृष्टि सम्बन्ध से तालीम आम होगी या अधूरी होगी, ख्यालात की आज़ादी, मौके के मुताबिक बदल जाने वाला होगा l जमा तफरीक बराबर होगी l नज़र कमज़ोर शनी मंदा हो तो जवानी में तकलीफ, सेहत की खराबी, और राज दरबार की कमाई बर्बाद l दिन में सम्भोग से परहेज करें l

शनी-बुध में दृष्टि सम्बन्ध से औलाद पर कभी बुरा असर न होगा ४२ साल उम्र तक दुश्मनों से बचाव बशर्ते की शनी खराब ना किया जाये l

शनी खाना नं: १ में नीच फल और वैसे भी शनी जाती उसूल मुताबिक खराब है l ९-१८-२७-३६ साल उम्र में शनि का मंदा असर जोर पर होगा l शराबखोरी पहली मंदी निशानी और काले रंग से लगाव होगा l खाना १ में मंदा शनी अब सूरज (सेहत) और मंगल (भाई) दोनों पर अपना बुरा असर डालेगा l इस घर में शनी तीन गुना मंदा फल देगा l ऐसा व्यक्ति जनम के बाद एक बार तो ज़रूर सिफर होगा l एक बात ज़रूर याद रखे शनी खाना नं: १ में अगर मेहरबान हुआ तो अमीर बना देगा और अगर खिलाफ हुआ तो रोटी तक के लाले होंगे l क्यूंकि इस घर में शनी खुराक रिजक और दौलत पर सीधा असर करता है l शनी यदि नेक हो या नेक किया जाये तो ज़मीन जायदाद मकान के कारोबार में तरक्की ही तरक्की होगी l घर का मुख्य द्वार यदि पश्चिम दिशा में हो तो अशुभ फल होगा और ३६-४१-४५ या अधिक से अधिक ४८ साल उम्र तक राज-फकीरी वैद-बीमारी इकठ्ठे चलते होंगे l पिता का भी कोई खास नेक असर नहीं होगा जब तक शनी मंदा होगा l

बृहस्पत खाना नं: ४ में उच्च माना गया है और बहुत शुभ फल देने वाला माना गया है बशर्ते की बृहस्पत की जड़ (२-५-९-१२) में उसके शत्रु बुध-शुक्र-राहू ना हो चूँकि नं: ५ में शुक्र राहू दोनों मौजूद अतः बृहस्पत अपना पूरा नेक असर देने में समर्थ नहीं होगा l मगर फिर भी ऐसा व्यक्ति लाखों नहीं तो हज़ारों में राजा होगा बृहस्पत अपना असर अमूमन ८-१६ साल उम्र या फिर ४९ वे साल से आगे देगा l इस घर में बृहस्पत यदि नेक हो तो ऐसा व्यक्ति नामी गिरामी हस्ती होगा, ज़मीन जायदाद का नेक फल, रिश्तेदारों का सुख, धनवान, आलिशान मकान का मालिक होगा l होशियारी और मेहनत की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी बल्कि लक्ष्मी खुद पाँव पकड़ेगी l लालच से बरी, रहम दिल और दिमागी लियाकत का साथ होगा l लाटरी, दफनिया, किसी लावारिस की जायदाद या जुड़ा जुडाया धन अवश्य मिलेगा l कुदरत की और से मदद मिलती रहेगी l बाप आला हाकिम होगा l किस्मत की शान और चमक नेकी बदी की हालत शनी और राहू की नेक-बद हालत अनुसार होगी l बुजुर्गी कारोबार और पेशा उत्तम फल देंगे l अपनी सेहत पर कमाई का १/४ हिस्सा ज़रूर खर्च होगा l चूँकि आपकी कुंडली में बृहस्पत सोया हुआ है अतः अपने नंगे बदन पर कभी भी किसी दुसरे की नज़र न पड़ने दे l माता के होते तालीम कभी पूरी नहीं होगी l सिर्फ एक बुरी आदत (शराबखोरी) बृहस्पत का सारा नेक फल जला कर ख़ाक कर देगी नज़र कमज़ोर, औलाद मंदी ज़मीन व दौलत खतरे में माता पर कष्ट राज से फकीरी यहाँ तक की मुसीबत के वक़्त जंगल में भागना पड़ेगा l

चन्द्र खाना नं: ४ में अपने खुद के घर में (चन्द्र के समंदर में सूरज का अक्स ज़रूर दीखता है मगर सूरज को ग्रहण है अतः अब चन्द्र भी अब ग्रहण से बरी नहीं होगा) रोज़ माता के पाँव छूकर उनका आशीर्वाद लेने से धन दौलत की बरकत होगी l घर में यदि बेसमेंट हो तो बहुत अशुभ फल मिलेगा खासकर माता और स्वयं अपनी सेहत (जिस्म नकारा) दोनों पर मंदा असर होगा l इस घर में चन्द्र को खर्च करने पर भी बढ़ता रहने वाला आमदन का दरिया माना गया है l जद्दी कारोबार नेक फल देंगे l चूँकि केतु नं ११ में है और शनी भी नीच है अतः चन्द्र चाहकर भी नेक फल नहीं देगा l मन में द्वेष और इर्ष्या रखने से चन्द्र खराब होगा l माता और नानके परिवार का सुख आम होगा या कोई खास नेक ना होगा l दूध का दान बरकत देगा l

शुक्र खाना नं ५ में राहू और मंगल के साथ l वैसे तो मंगल के साथ से राहू चुप है मगर जब भी मौका मिलेगा शुक्र में अपनी ज़हर मिलाने से बाज़ नहीं आयेगा l इस घर में शुक्र को भरे पुरे परिवार का मालिक कहा गया है और जब तक औरत साथ होगी रिजक कभी बंद नहीं होगा l वतन और परिवार से मुहब्बत करने वाला होगा l अगर सूफी हुआ तो भवसागर से नैया पार अपने आप हो जाएगी वर्ना दरख्त में फंसे हुए पतंग की तरह किस्मत किसी काम की नहीं होगी l सूफी हुआ तो उत्तम लक्ष्मी का साथ होगा l मंदा चाल चलन और शराबखोरी बदकिस्मती की बुनियाद होगी l कोई चाचा या ताया अँधा या काना होगा तो शुक्र मंदा होने का सबूत देगा l दिन को ज्ञान रात को इश्क स्नान या दिन में सम्भोग से शुक्र और जिल्द दोनों जलते होंगे यानि औरत की सेहत खराब रहेगी l २७ साल उम्र से पहले और माँ-बाप की मर्जी के खिलाफ की गयी शादी से पैदा हुई औलाद उसे बाप न कहेगी ना मानेगी और ना ही काम आएगी l गौ सेवा उत्तम फल देगी l

मंगल खाना नं: ५ में और शुक्र-राहू के साथ से मंगल मंदा ना होगा l सूरज-बुध इकठ्ठे खाना नं: ७ में अतः मंगल नेक होगा मगर साथ ही शनि सूरज के टकराव की वजह से मंगल बद भी है अतः मंगल नेक व बद दोनों तरफ असर देगा l मंगल नेक के असर से औलाद खूब रईस होगी l औरत और ससुराल मददगार होंगे l अब नंबर ५ में बैठे शुक्र-मंगल-राहू नंबर ४ में बैठे बृहस्पत-शुक्र को देखेंगे और उन पर अपना असर डालेंगे l शुक्र-राहू के प्रभाव से बृहस्पत और चन्द्र दोनों का नेक फल रद्दी होगा l बुजुर्गों के नाम पर दान करे और हर साल उनका श्राद्ध आदि ज़रूर करें l औलाद के जनम से बढेगा और औलाद रईस होगी खासकर जब बड़ा भाई भी होवे l

राहू खाना नं: ५ में मगल एवं शुक्र के साथ और मंगल के साथ से राहू अमूमन चुप ही रहता है l मगर इस घर में राहू हमेशा बुरा फल देगा यानि औलाद पर भारी होगा जिसके उपाय के लिए घर में चांदी का ठोस हाथी घर में रखें l मंगल के प्रभाव से राहू शांत रहेगा धर्म-इज्ज़त-अक्ल-आमदन का उत्तम फल होगा l सेहत बीमारी पर फ़िज़ूल खर्च होगा l इसी तरह राहू के प्रभाव से १२ साल उम्र तक औलाद की सेहत कमज़ोर रहेगी और बाबे पोते का झगडा होगा यानि बाबा (कुंडली वाले का बाप) होगा तो पोता (कुंडली वाले का लड़का) नहीं होगा और अगर पोता आ गया तो बाबा नहीं रहेगा l राहू की बिजली जब भी कड़केगी अचानक कड़केगी l

सूरज खाना नं: ७ में (बुध के साथ) ऐसा बादशाह जिसका ताज गम हो गया है यानि सबकुछ होकर भी वक़्त ज़रूरत फैसला हक में नहीं होगा l सूरज पर शनी की दृष्टि अतः सूरज (सेहत और राजदरबार) का असर खराब मगर अब शुक्र (औरत) आबाद रहेगा ऐसा व्यक्ति इल्म तिलस्मात और जादूगरी (शनी की चालाकी और होशियारी) का मालिक होगा l इल्म मकानात मदद देंगी l ज्यादा नमक खाना अशुभ सूरज की निशानी है अतः नमक हर हाल में कम खाएं l चूँकि सूरज इस घर में नीच है अब सूरज का सारा नीच फल केतु (औलाद) पर होगा l बेहद गुस्सा सूरज का फल और अशुभ करेगा l

बुध खाना नं: ७ में अतः ऐसा व्यक्ति दुनिया के लिए पारस होगा यानि दूसरों को तारने वाला l मीर मुंशी अहले कलम यानि कलम का पूरा धनी और कलम में तलवार जितनी ताकत होगी l जिसके भी संपर्क में आयेगा उसका बेडा पार करा देगा चाहे अपना कुछ बने या न बने l बुढ़ापा उम्दा और हाज़िर माल का व्यापार उत्तम फल देगा l अपनी कुल को तारने वाला, मंगल बुध बिल्मुकबिल अतः १७वे साल लड़की की मौत l

केतु खाना नं: ११ में इस घर में केतु गीदड़ स्वाभाव कुत्ता माना गया है l “कल की फ़िक्र छोड़ आगे की सोच” l ५-११-२३-३६-४८ साल उम्र में माता पर कष्ट होगा l जायदाद खुद बनाएगा लड़के के जनम के बाद माता की सेहत खराब या नज़र से कमज़ोर होगी l जब शनी मंदा कर लिया जाये तो मकान जायदाद से कोई फायदा नहीं होगा l

कुंडली स्वयं के ऋण से पीड़ित है जिसके उपाय के लिए परिवार के सभी मेम्बेर्स से हिस्सा लेकर घर में शांति हेतु यज्ञ करवाएं l

किस्सा कोताह (संक्षेप में) खाना नंबर १ में शनी (नीच) और नं १ के मालिक सूरज (नीच) और मंगल पांचवे घर में राहू के साथ अतः तख़्त और ताज के लिए सख्त मेहनत करनी होगी बशर्ते की शनि को शराबखोरी से खराब ना किया जाये बाकि सेहत कमज़ोर रहेगी ९-१८-२७-३६ वे साल उम्र में सेहत और दौलत का नुकसान २२ वे साल सेहत कमज़ोर किस्मत की चमक और तख़्त की शान शनी की स्याही से स्याह मगर शनी को यदि नेक रखा जाये तो फिर कोई अशुभ फल नहीं होगा l सीधी बात यह की तख़्त का राजा शनी है और यदि राजा नेक तो प्रजा अपने आप नेक फल देगी बाकी के उपाय भी तभी नेक फल देंगे और जातक को लाभ होगा l

"बाकी सब दुनियावी हिसाब किताब है, कोई दावा-ए-खुदाई नहीं"