Varshfal Vishleshan-4

जन्म तिथि: २१ जून १९६९, जन्म समय: रात १२:५५ जन्म स्थान: कलकत्ता

फलादेश
जन्म दिन और जन्म वक़्त का ग्रह = शनी
राशि नंबर में बोलने वाले ग्रह = बृहस्पति केतु

खाना नंबर ८-२-६-१२ की टक्कर जनम और वर्ष कुंडली दोनों में अतः धर्म स्थान के अन्दर बिलकुल ना जाएँ बाहर से माथा टेकने में कोई परहेज नहीं,

बुध-चन्द्र-शुक्र के प्रभाव से सूरज (सेहत राजदरबार) और शुक्र (औरत-गृहस्थ) का फल मंदा होगा खेती की ज़मीन खराब फल देगी, माता दुखी होगी या करेगी, सरकार और व्यापार दोनों मंदे साबित होंगे.. उपरोक्त फल खासकर मार्गशीर्ष, जेठ या आश्विन महीने में मिलने की संभावना अधिक रहेगी जिसके उपाय के लिए घर में ही आराध्य पूजन या गायत्री पाठ करें, तो हर तरह से मदद मिलती रहेगी |

बुध-चन्द्र-शुक्र-शनि-राहू के प्रभाव से माता पर कष्ट होगा, स्वयं जातक पर भी ह्रदय या आँखों सम्बन्धी कोई रोग या कष्ट आने की पूरी पूरी संभावना है | धन का नुकसान व्यापार में पैसा फसने के पूरे आसार है | घर में यदि आसमान (छत) से घर के अन्दर रौशनी आती होगी तो नाहक ही घर में चोरी होगी |

इस साल बृहस्पत खाना नं १० में केतु के साथ बैठा है | बृहस्पत केतु बराबर के ग्रह हैं | बृहस्पत इस साल धोके का ग्रह भी है | नेकी और धर्म कर्म से जिस कदर दूर रहे तो मिटटी भी सोना देगी वर्ना नुकसान होगा | चूँकि नं ८ में बैठा बुध मंदा है और साथ ही नं २ में बैठा चन्द्र नेक तो इस साल बृहस्पत (सोना-बाबा-पिता) नेक और मंदा दोनों तरफ धोका देगा | राहू खाना नं १२ के प्रभाव से बृहस्पत नेक असर नहीं देगा |

"असर जलता दो जहां का, ग्रहण शत्रु साथी जो,
चोर बनता ६ ता ११, मंगल टेवे ज़हरी जो"

अर्थात बृहस्पत अब कारोबार और सोने का नुकसान करेगा हर काम में उलझन पैदा होगी खासकर यदि घर के आसपास कोई सूखा पीपल का पेड़ हो| हर काम में चालाकी और होशियारी नेक फल देगी| इसके आलावा रोज़ माथे पर केसर का तिलक लगाने से भी बृहस्पत का नेक फल होगा | फ़ालतू खर्चों से परेशानी और हर बात का फैसला बरखिलाफ ही होगा | बृहस्पत का उपरोक्त फल जनम दिन/माह से सातवे महीने में ज़ाहिर होगा |

सूरज इस साल वर्ष कुंडली में खाना नं ७ में बैठा है जो की सूरज के लिए नीच घर है | हर काम समझ बूझ और नेक नियति से करने पर भी नतीजा उल्टा ही होगा| मगर खुद के हौसले और ज़िम्मेदारी को समझने से फिर भी कम नुकसान होगा | राजदरबार या सब तरफ से मदद होने पर भी नतीजा हक में नहीं होगा| इस घर में बैठा हुआ सूरज खासकर जिल्द (चर्म), स्त्री, गृहस्थ आदि पर अशुभ फल देता है| काली गाय या बिना सींग वाली गाय की सेवा से सूरज का फल नेक होगा मगर सफ़ेद गाय से दूर रहे| कारोबार में ससुराल की हिस्सेदारी से नुकसान होगा| व्यापारिक सफ़र अधिक होंगे| हद से ज्यादा गुस्सा या नमक खाने से सूरज का फल और भी अशुभ होगा| सूरज का उपरोक्त शुभाशुभ फल जन्मदिन से सातवे महीने में ज़ाहिर होगा|

इस साल चन्द्र खाना नं २ में अपने उच्च घर में विराजमान है मगर बुध खाना ८ से चन्द्र को देख रहा है| जिसकी वजह से हद से ज्यादा मायूसी और निराशा (Depression) हो सकती है खासकर जब सीढियों के सामने ज़मीनी पानी का इंतज़ाम किया हुआ हो| इसके आलावा शनी भी उलटी दृष्टि से चन्द्र को देख रहा है अतः फलस्वरूप चन्द्र (दिल-शांति-माता) का फल रद्दी होगा | चन्द्र यदि शुभ हो या किसी तरह से शुभ कर लिया जाये (माता के आशीर्वाद लेते रहने से) तो धन दौलत की बरकत, कभी हार या हानि नहीं होगी, लक्ष्मी खुद बा खुद आएगी, जायदाद में इजाफा होगा खासकर जब माता का आशीर्वाद लेता रहे उपरोक्त उपाय करने से चन्द्र का किसी भी प्रकार का कोई अशुभ फल नहीं मिलेगा| घर में किसी भी तरह के घंटे घड़ियाल (Ringing bells, Ringing clock) रखने से चन्द्र का फल और भी अशुभ होगा| चन्द्र का उपरोक्त शुभाशुभ फल जेठ महीने में ज़ाहिर होगा|

शुक्र के साथ शनी दोनों खाना नं ६ में बैठे हैं| दोनों ऐश और इश्क के मालिक हैं| घर में ठाकुर जी या अन्य किसी इष्ट देव की मूर्ती अवश्य होगी| खाना नं ६ में दोनों अपना अपना फल देंगे| चूंकि बुध नं ८ अशुभ माना गया है अतः शुक्र भी कोई खास नेक नहीं होगा, यानि गृहस्थ में मंदे नतीजे होंगे| चन्द्र खाना २ से शुक्र को देख रहा है और शुक्र बैठा है शनी के साथ और शनी भी उलटी दृष्टि से चन्द्र को देख रहा है अतः अब नुकसान होगा तो सिर्फ चन्द्र को यानि माता पर कष्ट, धन का नुकसान, दिमागी परेशानियाँ आदि| खासकर जेठ या अश्विन महीने में| शुक्र अपना शुभाशुभ फल खासकर अश्विन महीने में देगा| सरकार अथवा राजदरबार से फायदा, अचानक धन की चोरी या नुकसान साथ ही बुध का इलाज भी बहुत ज़रूरी है अन्यथा बुजुर्ग, भाई बंधू, माता, नानके, मामे, औरत, पिता, आमदनी, और रात का सुख सब पर अशुभ असर देगा| खासकर गृहस्थ और औलाद दोनों पर मंदा असर होगा| अपनी ही बेवकूफियों से हर काम में नाकामी होगी| शुक्र का उपरोक्त शुभाशुभ फल अश्विन महीने में मिलेगा|

खाना नं ६ में बैठा शनी जाती उसूल पर नेक है| इस घर में शनी खोटे पैसे की तरह काम आ ही जाता है| चूंकि नं २ में चन्द्र भी मौजूद अतः शनी अब रात को अँधा नहीं होगा और जब भी मौका मिलेगा चन्द्र (माता-दिल-शांति) को डंक मार ही देगा| सफ़र से उम्दा नतीजे मिलेंगे| इस वर्ष भूलकर भी चमड़े के नए जूते या बच्चों के काम में आने वाली लोहे की चीज़ें न ख़रीदे| शराब से दूर रहे, इस साल मकान ना बनाये अन्यथा अदालत या पुलिस के चक्कर में खामखा पड़ जायेंगे| किसी भी तरह की लोहे की मशीने आदि ना ख़रीदे| उपाय के तौर पर साबुत बादाम हरेक शनीवार जल प्रवाह करते रहें| शनी से सम्बंधित उपरोक्त शुभाशुभ फल अश्विन महीने में मिलेगा|

मंगल इस वर्ष खाना नं ३ में बैठा है और बुध खाना नं ८ में अतः मंगल बद होगा यानि चिड़िया घर में क़ैद शेर जैसी हालत होगी| पेट और छाती की तकलीफ साथ ही ताए को या ताए से नुकसान होगा| दूसरों के लिए फलों का जंगल मगर अपने लिए निकम्मा होगा| यदि मकान या मकान की बैठक शेर मुखी हो तो ऐसा व्यक्ति अपनी चतुराई से जंग जीत लेने वाला होगा| नरम तबियत रहने से तरक्की होगी| चूंकि बुध खाना नं ८ में बैठा है अतः फोकी ठन ठन, सर पर कर्ज होगा, स्वयं मुसीबत मोल लेने वाला|

इस वर्ष बुध खाना नं ८ में बैठा है जो की बहुत ही अशुभ फल देने वाला माना गया है| विशेषतः जब बुध खाना नं ८ में हो और राहू नं १२ तो अस्पताल-कोर्ट कचहरी-पुलिस आदि के चक्करों में व्यक्ति नाजायज़ ही उलझ जाता है फिर चाहे कसूर या बीमारी हो या ना हो, जिसके उपाय के लिए फौलाद (stainless steel) का बेजोड़ छल्ला बाएं हाथ की कनिष्का में पहने बहन-बुआ-साली-ससुराल-नानके आदि पर भी बुध-राहू की बिजली गिरती होगी| इस घर में बैठा बुध अपनी बेडी डोब मल्लाह और आमदनी की नाली में रोड़ा अटकाने वाला है| बुध वैसे भी केतु के स्वाभाव का है और केतु खाना नं १० में बृहस्पत के साथ दोनों धोके के ग्रह अतः बुध जब भी देगा ज़बरदस्त धोका ही देगा| बुध का तमाम शुभाशुभ फल मार्गशीर्ष महीने में ज़ाहिर होगा| इस वर्ष मंदिर बिलकुल ना जाएँ वर्ना बुध राहू के ज़हर से बचना मुश्किल होगा| दांत और नाड़ियों में कोई न कोई कष्ट होगा| और कुछ करे न करे मगर आमदनी ज़रूर आधी कर देगा| अचानक धोका, माली नुकसान, बेबुनियाद तोहमतें लगेंगी| इस वर्ष सीढियाँ बिलकुल ना तोड़े, और ना ही घर में पूजा स्थान बदले| घर से आतशी शीशा (Magnifying glass), कांच की गेंद (glass paper weight), कांच की हरी बोतल, लाल रंग के चमकीले कपडे बिलकुल निकाल दे|

जनम कुंडली का खाना नं १२ का राहू इस साल वर्ष कुंडली में भी खाना नं १२ में बैठा है जो की अमूमन खराब फल देता है मगर मंगल नं ३ में मौजूद अतः राहू अब मंदा फल नहीं देगा और बुध नं ८ के प्रभाव से राहू मंदा होगा यानि की अब राहू नेक व बद दोनों तरफ जायेगा| सोचेगा कुछ मगर कुदरत को कुछ और ही मंज़ूर होगा| खर्चा रोकने से भी नहीं रुकेगा| रात को आराम होगा तो राहू नेक अन्यथा राहू मंदा लेंगे| यदि राहू मंदा हुआ तो व्यर्थ ही कोर्ट कचहरी आदि के चक्कर परेशान करेंगे| राहू का उपरोक्त शुभाशुभ फल चैत्र महीने में ज़ाहिर होगा|

केतु खाना नं १० में बृहस्पत के साथ, बृहस्पत इस घर में नीच फल का है, अतः केतु का इलाज शनी के उपाय से होगा| क्यूंकि नं २ में चन्द्र, शनी से पीड़ित जिसके कारण माली हालत कमज़ोर होगी| नं ८ में बुध मंदा जिसकी वजह से औलाद पर कष्ट और नं ६ में शनी नानके परिवार पर मुसीबत अतः केतु का इलाज नं ६ के शनी के ज़रिये | भाई से सम्बन्ध ना बिगाड़े, परायी औरत से दूर रहें| केतु का उपरोक्त शुभाशुभ फल जनम दिन स चौथे महीने में ज़ाहिर होगा|

कुल मिलाकर यह साल कोई खास नेक फल नहीं देगा, सेहत और व्यापार दोनों का नुकसान होने की संभावना रहेगी, अतः मुश्किल वक़्त के समय ज़रूरत के सभी उपाय ऊपर बता दिए है बाकी कर भला तो हो भला|